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श्रावण शिवरात्रि पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, फूलों से सजा गर्भगृह; हजारों श्रद्धालु हुए शामिल!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
श्रावण शिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम बन गया। बुधवार तड़के से ही हजारों श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर की ओर उमड़ पड़े। शिवभक्तों की आस्था का यह आलम था कि गर्भगृह से लेकर नंदी हॉल तक की हर परिक्रमा, फूलों और धूप की सौंधी महक से महकती रही। मंदिर परिसर को खास तौर पर श्रावण शिवरात्रि के लिए सजाया गया था — गर्भगृह में फूलों की छतरियां, दीपों की श्रृंखला और शिव तांडव की झलक देता आकर्षक दृश्य भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति करा रहा था।
महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश पुजारी ने जानकारी दी कि “वैसे तो पूरे साल में 12 शिवरात्रियां आती हैं, लेकिन श्रावण माह की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करना मोक्षदायी माना गया है और यह शिवभक्तों के लिए परम पुण्य का अवसर होता है।” विशेष रूप से श्रावण के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली यह शिवरात्रि, शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, रात्रि जागरण और शिव स्तोत्रों के जाप के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
श्रद्धालुओं ने दिनभर मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन, रुद्राभिषेक, जाप और भजन-कीर्तन किए। कई भक्तों ने घरों और स्थानीय शिवालयों में भी रुद्राभिषेक और रुद्रपाठ जैसे विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया। मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से महाकाल मंदिर की सजावट भी बेहद आकर्षक और भव्य रही।
भक्तों का विश्वास है कि श्रावण शिवरात्रि पर की गई भक्ति और पूजा भगवान महाकाल को विशेष प्रिय होती है। उनकी कृपा से जीवन में सुख, शांति और उन्नति के द्वार खुलते हैं। उज्जैन प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारियाँ की थीं, ताकि देशभर से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।